अक्टूबर 2026, अंक 51 में प्रकाशित

कत्ल कर दिये गये फिलिस्तीनी बच्चों के नाम

अरी ओ रात, ओ सितारे, ओ गलियाँ, ओ बादल

कोई उसे कहो

हमारे पास जबाब नहीं है

बहुत बड़ा है यह घाव

आँसुओं से, दुखों से और यातना से

नहीं बर्दाश्त नहीं कर पाओगी तुम सच्चाई

क्योंकि तुम्हारा बच्चा मर चुका है

माँ,

ऐसे आँसू मत बहाओ

क्योंकि आँसुओं का एक स्रोत होता है

उन्हें बचा कर रखो शाम के लिए

जब सड़कों पर मौत ही मौत होगी

जब ये भर जाएँगी

तुम्हारे बेटे जैसे मुसाफिरों से।

                                                   –– महमूद दरवेश

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