एलन मस्क और महिलाओं की ‘सुरक्षा’ का झूठा दक्षिणपंथी आख्यान
2000 के दशक में, टेलफोर्ड, रोशडेल, ऑक्सफोर्ड और रॉदरहैम सहित ब्रिटिश शहरों में बाल यौन शोषण के कई मामले उजागर हुए, जिनमें सैकड़ों बच्चों की जिन्दगी तबाह हो गयी थी। 2011 में, टाइम्स के पत्रकार एण्ड्रयू नॉरफॉक ने बताया कि तथाकथित “ग्रूमिंग गैंग्स” पाकिस्तानी मूल के अधिकांश ब्रिटिश एशियाई पुरुषों का नेटवर्क था जिसकी मदद से उन्होंने सैकड़ों किशोर लड़कियों और युवतियों को तस्करी के जाल में फँसाया और उनके साथ बलात्कार किया।
ये ऐसे तथ्य हैं जिसे इंग्लैण्ड में सभी जानते हैं और इनकी कई बार जाँच भी हुई है। 2014 की अलेक्सिस जे की रिपोर्ट ‘रॉदरहैम में बाल यौन शोषण की स्वतंत्र जाँच’ में पाया गया कि अधिकारी कार्रवाई करने में धीमे रहे हैं, कभी–कभी नस्लवाद का आरोप लगने के डर से भी उन्होंने ढिलाई बरती।
पुलिस ने कुछ मामलों में पीड़ितों को ही दोषी ठहराया था और बच्चों को वेश्यावृत्ति का अपराधी बताया था। एलेक्सिस जे ने बाल यौन शोषण की 2022 की स्वतंत्र जाँच का नेतृत्व किया था, उन्होंने पीड़ितों पर दुर्व्यवहार के “भयावह और जिन्दगी भर के प्रभाव” का उल्लेख किया है।
ऐसा लगता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के अरबपति मालिक और अमरीकी सरकार के द्वारा बढ़ावा दिये गये एलन मस्क को इस विनाशकारी राष्ट्रीय घोटाले के बारे में अभी–अभी पता चला है।
एक्स पर कई पोस्ट में मस्क ने इन अपराधों का राजनीतिकरण करते हुए प्रधानमंत्री कीर स्टारमर को “बुराई” करार दिया और यूके में नये आम चुनाव की माँग की। उन्होंने इस्लाम विरोधी कार्यकर्ता टॉमी रॉबिन्सन को भी फिर से पोस्ट किया, जिसमें अदालत की अवमानना के लिए 18 महीने की सजा काट रहे जेल से उनकी रिहाई की माँग की गयी।
मस्क ने रॉबिन्सन को ग्रूमिंग के बारे में “सच्चाई” को उजागर करने के लिए अभियान चलाने वाले के रूप में चित्रित किया, जैसे कि कहानी व्यापक जाँच, मीडिया कवरेज और सार्वजनिक बहस का विषय न रही हो।
बेशक, हमारे आपराधिक न्याय और राजनीतिक प्रणालियों में महिलाओं के अधिकारों में सुधार की सख्त जरूरत है। लेकिन, मस्क महिलाओं के स्वयम्भू नेता नहीं हैं और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वे बाल यौन शोषण से “वास्तव में नाराज” हैं।
मस्क ने पहले कभी महिला अधिकारों या यौन शोषण में रुचि नहीं दिखायी। अगर उन्होंने ऐसा किया होता, तो शायद उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन में नौकरी स्वीकार नहीं की होती, जो यौन शोषण के लिए आरोपी व्यक्ति है।
जाहिरा तौर पर मस्क की ताजा दिलचस्पी सभी यौन अपराधों में नहीं है–– सिर्फ उन अपराधों में जो “मुस्लिम पुरुषों” द्वारा श्वेत महिलाओं के खिलाफ किये गये हैं। उन्होंने उन मामलों में कोई स्पष्ट रुचि नहीं दिखाई है जहाँ मुस्लिम महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया था, न ही उनके पास श्वेत पुरुषों द्वारा किये गये दुर्व्यवहार के बारे में कहने के लिए कुछ है।
वह महिलाओं की सुरक्षा का समर्थन तब करते दिखते हैं जब यह उनके लिए विभाजन को बढ़ावा देने में राजनीतिक रूप से उपयोगी होता है–– जो कि एक सामान्य दक्षिणपंथी रणनीति है।
मस्क ने दक्षिणपंथी अभिनेताओं का समर्थन किया है, नवम्बर 2023 में टॉमी रॉबिन्सन को एक्स में फिर से बहाल किया, ठीक उसी समय जब उन्हें लन्दन में सेनोटाफ में एक सामूहिक रैली आयोजित करनी थी, जिससे विभाजन को बढ़ावा मिला और जैसा कि मैंने उस समय कहा था, लोकतन्त्र को खतरा था। उन्होंने हाल ही में जर्मनी की इस्लाम विरोधी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर डॉयचलैण्ड (एएफडी) के समर्थन में भी लिखा है और एक्स पर लाइव चर्चा में इसके नेता एलिस वीडेल की मेजबानी की है।
इंग्लैण्ड के “ग्रूमिंग गैंग्स” काण्ड को प्रचारित करके, मस्क ने खुद को एक लैंगिक कथानक के साथ जोड़ लिया है–– महिलाओं की रक्षा करना पुरुषों का कर्तव्य है–– भले ही इसका मतलब नियमों को तोड़ना या बल प्रयोग करना हो। पितृसत्तात्मक, राष्ट्रवादी, अति राष्ट्रवादी और नाजी समूहों का लैंगिक द्विआधारी (जेण्डर बाइनरी) नारा है–– मजबूत पुरुषों को कमजोर महिलाओं की रक्षा के लिए बल प्रयोग का अधिकार है, खास कर विरोधी समुदाय के दुश्मन पुरुषों से।
यह बेहद नस्लीय वक्तव्य है–– उनके लिए केवल कमजोर श्वेत महिलाएँ ही मायने रखती हैं और यह वर्ग से सम्बन्धित भी है, जिसमें वे मानते हैं कि श्वेत और उदार महिलाएँ मजदूर वर्ग की लड़कियों को धोखा देती हैं। एलन मस्क ने श्रमिक रक्षा मंत्री जेस फिलिप्स को “बलात्कार नरसंहार समर्थक” और “दुष्ट चुड़ैल” के रूप में चिन्हित किया है, जिससे वह जोखिम में पड़ गयी हैं।
महिला पीड़ितों से फायदा उठाना, पितृसत्ता की रक्षा
फिलिप्स पर हाल ही में हुए हमले से मस्क के महिलाओं की सुरक्षा के आह्वान का पता चलता है, जो वास्तव में शक्तिशाली पुरुषों की रक्षा करने का एक साधन है। नारीवादी महिलाओं को निशाना बनाया जाता है, क्योंकि वे उस लैंगिक व्यवस्था को चुनौती देती है जिसमें पुरुषों का स्वाभाविक वर्चस्व है।
पितृसत्ता पुरुषों की भूमिका को राष्ट्र और परिवार, पत्नियों और बच्चों के नेता और योद्धा, रक्षक और प्रदाता के रूप में स्थापित करके (कुछ) पुरुषों की रक्षा करती है। यह कमजोर महिलाओं की बिना किसी देखभाल के सुरक्षा करना है। सुरक्षा का यह दावा उन पर नियन्त्रण स्थापित करने का एक साधन है।
मस्क न तो सुरक्षा और न ही देखभाल के मामले में नैतिक अधिकार की स्थिति में है। उनके अधिग्रहण से पहले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देते हुए कर्मचारियों की देखभाल करता हुआ दिखाई देता था।
एक्स का सिद्धान्त इसके विपरीत है–– मस्क ने कर्मचारियों की संख्या में कमी की है और कर्मचारियों और उपयोगकर्ताओं दोनों की सुरक्षा से समझौता करके कार्यस्थल के नियमों को बदल दिया है। अब वह ट्रम्प प्रशासन में दक्षता प्रमुख के रूप में अमरीकी सरकार में भी ऐसा ही करने का वादा करते है।
सोशल मीडिया हमेशा से एक ऐसा स्थान रहा है, जहाँ महिलाओं को व्यक्तिगत और संरचनात्मक स्त्री–द्वेष दोनों का खतरा रहता हैय ये नुकसान मस्क के स्वामित्व वाली एक्स प्लेटफोर्म के महिला विरोधी दृष्टिकोण के चलते और अधिक बढ़ जाते हैं। मस्क ने उन प्रभावशाली लोगों की आवाज को बढ़ाने का प्रयास किया है, जो महिला अधिकारों का हनन करते हैं।
मस्क ने एण्ड्रयू टेट को फिर से पोस्ट किया है, जिसे इंग्लैण्ड पुलिस ने महिलाओं के खिलाफ स्त्री–द्वेष और हिंसा के कारनामों से जोड़ा है और जिस पर बलात्कार और यौन तस्करी के आरोप लगे हैं। उन्होंने श्वेत वर्चस्ववादी निक फ्यूएंट्स को “आपका शरीर, मेरी पसन्द” वाक्यांश को बढ़ावा देने के लिए एक्स का उपयोग करने की अनुमति दी है। यहाँ महिलाओं की कोई वास्तविक सुरक्षा और परवाह नहीं है–– केवल महिलाओं पर श्वेत पुरुषों का नियन्त्रण है।
नीचे तक नस्लवाद
मस्क महिला विरोधी अभियानों का नेतृत्व करते हैं, दूसरे लोग उनका अनुसरण करते हैं। मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने हाल ही में तथ्य–जाँच का काम “कम्युनिटी” को सौंप दिया है और अधिक “मर्दाना” और “आक्रामक” कॉर्पाेरेट संस्कृति की आवश्यकता पर जोर दिया है। जुकरबर्ग ने कम्पनी की विविधता, इक्विटी और समावेश नीति को भी समाप्त कर दिया, जिस पर अल्पसंख्यक कुछ हद तक कार्यस्थल सुरक्षा के लिए निर्भर थे।
चूँकि सिलिकॉन वैली में पुरुषों का वर्चस्व है, इसलिए जुकरबर्ग की टिप्पणी मूलत: उन पुरुषों का आह्वान करती है जो उदार संस्कृति को पीछे धकेलने का काम करते हैं। दक्षिणपंथी सोशल मीडिया इन्फ्लुएन्सर एण्ड्रयू टेट ने उनकी टिप्पणियों की प्रशंसा की।
ताकतवर–पुरुष–राजनीति (पुरुष के रूप में नेता–पूजा) के युग में, जहाँ युवा पुरुष प्रतिस्पर्धी मर्दानगी के बाजार से रोल मॉडल चुन रहे हैं, अति–पुरुषत्व जीतता है। 18–29 वर्ष की आयु के युवा पुरुषों ने ऑनलाइन “मैनोस्फीयर” में पुरुष अधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा समर्थित अमरीकी चुनावों में ट्रम्प के लिए भारी मतदान किया। मस्क यह जानते हैं।
मस्क के पास पैसा और सोशल मीडिया की ताकत है, लेकिन वह एक “टेक ब्रो” हैं, एक “पोंगापण्डित” हैं। ब्रिटिश बाल यौन शोषण मामले की भयावहता का फायदा उठाकर वह खुद को महिलाओं के रक्षक के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं, भूले–बिसरे लोगों का नायक बनने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने एक अति–दक्षिणपंथी राजनीतिक रुख को बढ़ावा दिया है और उनका मानना है कि रॉबिन्सन जैसे अति–दक्षिणपंथी अभिनेताओं की आवाजें इसे मूर्त रूप देती हैं। लेकिन मस्क के पास महिलाओं की सुरक्षा या सामान्य रूप से देखभाल पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
कुछ ब्रिटिश राजनेताओं ने महिलाओं के प्रति मस्क के रक्षात्मक रुख तथा सरकार और ब्रिटेन के संसदीय लोकतन्त्र पर हमले की प्रशंसा की है जो निन्दनीय है। उन्हें यह पहचानना चाहिए कि मस्क का रवैया पाखण्ड के अलावा कुछ भी नहीं है। ब्रिटेन या कहीं और की महिलाओं के अधिकारों पर राजनीतिक एजेण्डा तय करने का मस्क के पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
(द कन्वर्सेशन–डॉट–कॉम से साभार,
अनुवाद–– विक्रम प्रताप)
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