(साभार इन्डियन एक्सप्रेस 11 अप्रैल 2020)
(भारतीय उपभोक्ता अर्थव्यवस्था, डाटाबेस 2016-2018)
Originally published: Simplifying Socialism on June 12, 2026 by A. J. Horn (more by Simplifying Socialism).. आगे पढ़ें
1968 का साल पूरी दुनिया में उथल-पुथल का साल था। जगह-जगह छात्र, नौजवान, मजदूर और आम लोग पुराने ढाँचे, राजनीति और दमनकारी सरकारों के खिलाफ.. आगे पढ़ें
होर्मुज, हाँ वही होर्मुज फारस की खाड़ी का मात्र सत्तर किलोमीटर चैड़ा समुद्री गलियारा जहाँ से दुनिया की एक बड़ी.. आगे पढ़ें
ईद से ठीक एक दिन पहले ईरान द्वारा जारी किये गये दुनिया के नाम एक कड़े सन्देश में स्पष्ट तौर से कहा गया है कि यह लड़ाई सिर्फ क्षेत्रीय लड़ाई.. आगे पढ़ें
हम कॉकरोच हैं नौजवान हैं, मचलती हुई सोच हैं निज़ाम के पैरों में आ गई मोच हैं हम कॉकरोच हैं बेरोज़गार हैं दिशाहीन.. आगे पढ़ें
ईरान में युद्ध शुरू हुए एक महीना बीत चुका है, और अब पत्रकारों और राजनेताओं, डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन, वामपंथियों, दक्षिणपंथियों और निर्दलीयों.. आगे पढ़ें
पर्यावरण अरावली पर्वतमाला की कोई भी संकीर्ण परिभाषा इस बेहद महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को तबाह कर सकती है, जिसके भूजल, कृषि और उत्तर.. आगे पढ़ें
लम्पट और उन्मादी ट्रम्प की आपराधिक कारवाई ने हमेशा की तरह इस बार भी शोर ज़्यादा पैदा किया है, उसके लिए फायदा कम। वेनेजुएला पर जिस आपराधिक.. आगे पढ़ें
गेहूँ हम खाते हैं, गुलाब सूँघते हैं। एक से शरीर की पुष्टि होती है, दूसरे से हमारा मानस तृप्त होता है। गेहूँ बड़ा या गुलाब? हम क्या चाहते.. आगे पढ़ें
22 अप्रैल को दोपहर बाद कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 28 सैलानियों की गोली मारकर हत्या कर दी। शाम तक सोशल मीडिया पर इस दुखद घटना के.. आगे पढ़ें
दलित आंदोलन के अग्रणी विद्वान तेलतुंबड़े बताते हैं कि कैसे हिंदुत्ववादी पार्टियां राजनीतिक लाभ के लिए बाबासाहेब का इस्तेमाल करती हैं। .. आगे पढ़ें